वैश्विक सुरक्षा पर भारत का स्पष्ट संदेश
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के मंच पर भारत ने वैश्विक सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि बदलती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए देशों के बीच मजबूत सहयोग और प्रभावी नीतियों की आवश्यकता है।
आतंकवाद की आर्थिक मदद रोकने पर जोर
भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद केवल हथियारों से नहीं, बल्कि उसकी आर्थिक सहायता पर रोक लगाकर भी कमजोर किया जा सकता है। इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयास, वित्तीय निगरानी और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
AI के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की वकालत
बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई। भारत ने कहा कि AI का उपयोग मानव कल्याण, विकास और नवाचार के लिए होना चाहिए। साथ ही इसके दुरुपयोग को रोकने और सुरक्षित, पारदर्शी एवं जिम्मेदार AI प्रणाली विकसित करने के लिए वैश्विक सहयोग आवश्यक है।
साझा जिम्मेदारी पर भारत का जोर
भारत ने यह भी रेखांकित किया कि आधुनिक चुनौतियों का समाधान किसी एक देश के प्रयासों से संभव नहीं है। आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और नई तकनीकों से जुड़े जोखिमों का सामना करने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा।
आगे की दिशा
भारत का मानना है कि वैश्विक शांति, सुरक्षा और तकनीकी प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी उद्देश्य के साथ भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग बढ़ाने और साझा रणनीति अपनाने का आह्वान किया।
